द्वाराः कैटे ट्रेलॉर
सी.एफ. से जुड़े कुछ विषयों के उपर एक वृत्त चित्र बनाने कि लिये कनाडा और यू.के. जाने से पहले फिल्म स्नातक जान किप्लॉक्स से "लिंक" के कैटे ट्रेलॉर ने मुलाकात की।
कैटे ट्रेलॉर: वृत्त चित्र में आप किन चीजों पर ध्यान दे रहे हैं?
जान किपलॉकः वृत्त चित्र बनाने की इस प्रक्रिया मे मुझे अभी जो भी, जितना भी मिल रहा है, सब को संग्रह कर रहा हूँ। मुख्य कहानी मैं वापस घर लौटने के बाद ही बनाऊंगा, कुछ बातें जिनपर मेरा ध्यान केन्द्रित रहेगा, वे हैः
• जब आप सी.एफ. के साथ यात्रा कर रहे हों तो आपका व्यवहार कैसा होना चाहिये ।
• सी.एफ. समुदायों के बीच जांच पड़ताल करना और उन्हें आस्ट्रेलिया के साथ तुलना करना करना और
• आस्ट्रेलिया मे सी.एफ. के विषय में दूसरे देशों की तुलना में जागरूकता की कमी के कारण का पता लगाना
 |
कैटेः आप इस प्रोजेक्ट पर क्यों काम कर रहे हैं?
जानः मैनें फिल्म में स्नातक किया है। मुझे cystic fibrosis ( मुत्राशय संबन्धित एक बिमारी) है, और मैं कुछ महिनो की यात्रा पर जा रहा हुँ। अगर मै ये काम ना करुं तो यह बिल्कुल गलत होगा। मेरा अनुभव कहता है कि ऐसा वृत्तचित्र सी.एफ. समुदायों के लोगों को काफी मदद करेगा। एक साल पहले मैं सोचता था कि काश मै भी अकेले लंबे समय के लिये कहीं घूमने जा पाता, अगर उस वक्त ऐसा कुछ उपलब्ध होता तो मेरे लिये काफी सहायक होता।
कैटेः आपको कैसा महसुस हो रहा है?
जानः खुशी, घबराहट, डर, उत्तेजना, लगभग हर दौर से गुजर चुका हुँ। कभी- कभी तो लगता है कि मेरे लिये काफि बड़ा प्रोजेक्ट है, तब मै अपने आपको मजबुत बना लेता हुँ और एक बार में एक ही काम की तरफ कदम बढाता हुँ, इस तरह काम कुछ आसान हो जाता ता है। कुल मिलाकर इसका क्या फल मिलता है, यह जानने के लिये मैं बेताब हुँ।
कैटेः इस काम के लिये आपको आर्थिक सहायता कहाँ से मिल रही है?
जानः इस साल के शुरुवात से ही मैं इस काम के लिये पैसे जमा कर रहा हुँ। यानी कि खर्च का ज्यादातर हिस्सा मेरे जेब से ही हो रहा है। इसके बाद सबसे ज्यादा योगदान आमलोगों से मिला ।जिनसे हमे 3000 डॉलर से ज्यादा की धनराशी हमें मिली, जो कि इस फिल्म को बनाने के लिये काफी थी। यानि कि जाने आने का हवाई किराया, रहने, खान-पान, दवाईयाँ, इनस्योरेन्स, आदि पर मै खुद खर्च कर रहा हुँ, और वृतचित्र का खर्च आम आदमी दे रहें हैं। कुछ अन्य चीजे जैसे हेडफोन, टेप आदि कुछ कम्पनियों ने दान किया है।
कैटेः इससे पहले आप कभी इतने लंबे सफर पर गये हैं?
जानः नही। मै एक दो बार अपने परिवार के साथ विदेश जा चुका हुँ लेकिन कुछ ही हफ्तों के लिये। मैं अपने दोस्तों के साथ कई बार आस्ट्रेलिया के कुछ जगहों पर भी गया हुँ, लेकिन ज्यादा से ज्यादा दो हफ्तों के लिये। यह मौका मेरे लिये पहली बार है। सिर्फ समय या स्थान के लिये ही नही, बल्कि इस कारण से भी कि पहली बार मै यात्रा के ज्यादातर समय एकेला ही रहुँगा।
कैटेः क्या आप उन लोगों को कुछ सलाह देना चाहेंगे जो विकलांग या बिमार हैं और लंबे सफर पर जाने की सोच रहे हैं।
जानः अभी कुछ दिनो पहले तक मुझे इस बारे में कोई जानकारी नही थी, कि बीमार होने के बाद भी यात्रा पर कैसे जाया जाय। लेकिन जब मैंने सफर पर जाने का निश्चय किया तो , शुरुवात में तो कुछ घबराहट हो रही थी, और लगता था कि बहुत कुछ करना है। मैने पाया कि बस आपको कुछ तैयारी करनी है, फिर सबकुछ अपने आप ठीक हो जायेगा। आपको कुछ सावधानी जरुर बरतनी पडेगी (जैसे अगर आप कमजोर हो जाये, या इलाज की जरुरत हो, या आपकी दवाईयाँ खो जाय, या हवाई जहाज पर दवाईयों के साथ चढने के लिये एयरपोर्ट सिक्युरिटि के साथ कैसा बर्ताव करें इसकी जानकारी ), लेकिन इनके कारन आपको अपना सफर छोड़ना नही चाहिये। जब मैं लौट कर आऊँगा, तब मेरे पास और ज्यादा जानकारो होगी, मुझे पता है कि यह एक अद्भुत अनुभव होगा, और सचमुच में आपको बीमारी के कारन रुकना नही चाहिये।
अगर आप इस प्रोजेक्ट के लिये कुछ योगदान करना चाहते हैं, तो सम्पर्क करें : सिस्टिक फाईब्रोसिस साउथ आस्ट्रेलिया ओर्गनाईजेशनः www.cfsa.org.au
श्री किप्लॉक्स सफर के वक्त अपने blog से जुड़े रहेंगे, संयोजन या सम्पर्क के लिये देखें : http://healthyjaan.blogspot.com
Reproduced with permission from Link Disability Magazine, October 2005.
For more information visit: www.link.disability.com.au