Author


Peter Anderson, MCSP

Translator
Roohi Khan

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July 15, 2006

व्यायाम और सिस्टिक फाइब्रोसिस : एक फिज़ीयोथेरेपिस्ट का दृष्टिकोण


लेखक : पीटर एन्डरसन, एम सी एस पी


सीएफडब्लू समाचरपत्र के संस्करण २ में, मैंने एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था ''छाती की फिज़ीयोथेरेपी : इसकी किसे आवश्यकता है ?'' उस लेख में मैंने सीएफ के नियंत्रण में नियमित व्यायाम के महत्त्व के विषय में लिखा था । इस विषय पर विशेष सलाह के लिए कई लोगों ने मुझ से संपर्क किया। इसलिए इस लेख में मैं इस विषय पर कुछ और गहराई से जाऊँगा कि सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों के लिए व्यायाम क्यों महत्त्वपूर्ण है, आपको किस प्रकार का व्यायाम करना चाहिए, आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपकी मदद कैसे कर सकता है और आप स्वयं अपनी मदद कैसे कर सकते हैं। पिछला लेख लिखने के समय, मैं सीएफ से पीडि त वयस्कों के साथ काम कर रहा था और अब सीएफ से पीडि त बच्चों के साथ काम कर रहा हूँ, इसलिए मैं प्रयत्न करूँगा कि बच्चों और वयस्कों दोनों ही में व्यायाम को बढ ावा देने के लिए अलग-अलग तरीके का उल्लेख करूँ।

इस बात को अधिक समय नहीं हुआ (१९७० के दशक तक) जब सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीड़ित लोगों को व्यायाम करने से इस सोच के कारण रोका जाता था कि उससे होने वाली थकान और श्वासहीनता इन रोगियो के लिए कुछ ज्.यादा ही होगी ; कि उनके फेफड े इसे सहन नहीं कर पायेगें तथा शायद उन्हें और ज्.यादा नुकसान पहुँचा जाये। अब हम ये जान गये हैं कि सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है तथा सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों को व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया जाता है, यहाँ तक कि इन्फेक्शन के दौरान द्री ।

हम ये जानते हैं कि फिट रहने वाले सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोग सीएफ के प्रभाव को बेहतर सहन कर पाते हैं, उन्हें छूत की बीमारी या इन्फेक्शन द्री कम होते है तथा उनका जीवन स्वस्थ एवं लम्बी आयू वाला होता है। आप ये सोचते होगें कि फिट रहना केवल इस बात का संकेत है कि आपका सीएफ अधिक तीव्र नहीं है, परन्तु जैसा मैंने अपने पिछले लेख में लिखा था, श्वासहीनता सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों में हो सकती है चाहे उनके फेफड ों की हालत अच्छी हो या नहीं।

यह बात बड ी स्पष्ट लगती है कि आपके फेफड े जितने ज् यादा क्षतिग्रस्त होगें, रोज मर्रा के कार्य करने में आपको उतनी ही ज् यादा कठिनाई होगी और आपको उतनी ही ज् यादा श्वासहीनता महसूस होगी। परन्तु यह इतना सरल नहीं है। एक निष्क्रिय जीवन रोज मर्रा के कार्यों के दौरान होने वाली श्वासहीनता का मुखय कारण हो सकता है तथा यह व्यवहार इन्फेक्शन का कारण द्री बन सकता है। बारबार इन्फेक्शन होने के कारण हुये फेफड ों के नुकसान से श्वासहीनता बढ ती है जो आपके व्यायाम करने की क्षमता के बारे में होने वाली आपकी चिन्ता को और बढ ाता है। इसके कारण होने वाली बढ ती निष्क्रियता से आपको और ज् यादा इन्फेक्शन होने की संद्रावना बढ जाती है। ये मुमकिन हो सकता है कि व्यायाम तथा श्वासहीनता का डर ही इस क्रिया को चला रहा है। अगर आप सोचते हैं कि आप और ज् यादा कार्यशील हो सकते हैं, तो आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट ह्वुशी से आपकी मदद करेगा, सुझाव देगा तथा इस बात की निगरानी करेगा कि आपकी कोशिश का सबसे बेहतर फायदा आपको पहुँचे।

सीएफ से पीड़ित बच्चों को व्यायाम करवाते रहना कुछ ज् यादा मुश्किल नहीं है। उन्हें उन सारी क्रियाओं में द्राग लेने के लिए बढ ावा देना चाहिए जिनमें कोई भी बच्चा बड े होते हुये भाग लेता है। फुटबॉल; तैराकी; हॉकी; बास्केटबॉल या कोई द्री ऐसा ह्वेल जो ऐरोबिक पर निर्धारित है (उदाहरण के लिए जिनसे सांस फूलती है) उन्हें विशेष तौर पर बढ ावा देना चाहिए। अन्य क्रियायें जैसे मार्शल आर्टस और नाचने का भी वैसा ही असर होता है।

ज् यादा से ज् यादा फिज ीयोथेरेपिस्ट अब छाती की शुद्वि के तरीकों में शारीरिक क्रियाओं को शामिल कर रहे हैं। स्फूर्र्ति युक्त क्रियायें जो आपकी सांस लेने के तरीके में बदलाव लाती हैं (जैसे बच्चों के लिए टे्रम्पोलीन) फेफड े से बलगम को साफ करने में बहुत प्रभावशाली हो सकती है, ह्वासतौर से जब छाती की शुद्वि के कुछ तकनीक जैसे पॉसिटिव एक्सपिरेटरी प्रेशर (पीईपी) चिकित्सा या ऑटोजेनिक ड्रेनेज (एडी) थोड े समय के लिए उसके तुरन्त बाद किया जाये। यह बच्चों और बड ों दोनों के लिए सच है; (आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट इन तकनीकों के बारे में आपको और जानकारी दे सकता है)। जिन छोटे बच्चों को मैं देह्वता हूँ मैं उनसे कहता हूँ कि उनके मां-बाप को इस बात की अनुमति नहीं है कि वो उन्हें घर में बिस्तर पर उछलने से रोकें! ज ाहिर है वो ये सोचते हैं कि ये बहुत बढि या बात है मगर मुझे नहीं लगता कि उनके मां-बाप भी यही सोचते हैं!

जैसे-जैसे हम बड े होते हैं और किशोरावस्था में प्रवेश करते हैं, हमारा व्यायाम करने का स्तर गिर जाता हैं। उदाहरण के तौर पर, दोस्तों के साथ बिताया गया समय ह्वेलकूद की क्रियाओं से हटकर बैठकर करने वाले मनबहलाव की क्रियाओं पर ज् यादा बिताया जाने लगता है। जैसे-जैसे आप स्कूल में आगे बढ ते हैं शारीरिक क्रियाओं पर कम महत्त्व दिया जाता है और पढ ाई पर ज् यादा। जब आप स्कूल छोड ते हैं, तब हो सकता है कि नियमित व्यायाम पूरी तरह से रुक जाये। उदाहरण के तौर पर, जैसे-जैसे आप और स्वतंत्र होते जाते हैं इस बात की संभावना कम होती जाती है कि आपके मां-बाप आपको फुटबॉल के प्रशिक्षण या तैराकी के अभ्यास के लिए लेकर जाएगें । ये बात सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों के लिए भी सच है और आम जनता के लिए भी। यही समय है जब आपके लिए आपके फिज ीयोथेरेपिस्ट का विशेष सुझाव एवं सहायता ह्वासतौर पर मददगार होता है।

हर चिकित्सा केन्द्र अपना वार्षिक व्यायाम परिक्षा करने की कोशिश करता है; इंगलैन्ड में तो ये निश्चित है क्योंकि ये हमारी फिज़ीयोथेरेपी चिकित्सा के उपदेशकों में शामिल है। (परन्तु कई कारण है जिनकी वजह से कुछ केन्द्रों में ये करना मुश्किल हो सकता है)। कुछ समय के पश्चात, व्यायाम परिक्षण से हमें ये साफ पता चल जाएगा कि सीएफ किस प्रकार से रोज मर्रा की क्रियाओं को सहने की आपकी क्षमता पर असर डालता है। वार्षिक व्यायाम परिक्षा फिज ीयोथेरेपिस्ट की मदद करती है उन लोगों को पहचानने में जिन्हें व्यायाम को सहने की क्षमता को सुधारने के लिए तथा अपने जीवन की गणवत्ता पर सीएफ के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष सलाह की आवश्यकता हो सकती है।
नियमित स्फूर्र्ति युक्त शारीरिक क्रियायें हर हाल में आपके आम स्वास्थ्य में तथा सिस्टिक फाइब्रोसिस को नियंत्रित करने मे ंआपको अधिकतम लाभ पहुँचायेगा। अब मैं संक्षेप में बताऊँगा कि आप ये कैसे कर सकते हैं।

उमर के बढ़ने के साथ-साथ मुझे किस प्रकार के व्यायाम करने चाहिए?

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यह एक आम सिद्धांत है कि अगर आपके फेफड़े सामान्य का ५५ प्रतिशत या उससे अधिक अपना कार्य कर रहे हैं, तो आप में बिना किसी विशेष सलाह के आम जनता के जैसे ही व्यायाम करने की क्षमता होनी चाहिए, हालांकि अगर आप चाहें तो आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट ह्वुशी से आपकी मदद करेगा।

व्यायाम पर किये गये अधिकतर रिसर्च हमें ये बताते हैं कि ऐरोबिक व्यायाम (जैसे साईकिल चलाना, भागना, तैरना) तथा मांसपेशियों का व्यायाम (जैसे हल्का वज न उठाना) मिलाजुला के करने से सबसे बेहतर लाभ होता है। अधिकतर फिज ीयोथेरेपिस्ट ऐरोबिक व्यायाम के बारे में मदद एवं सुझाव देने पर ध्यान देते हैं क्योंकि इसे नियमित रूप से करने के लिए ह्वुद को प्रेरित करना सबसे कठिन है। अगर आपके व्यायाम के ढंग में नियमित रूप से ऐरोबिक शामिल नहीं है, तो ज् यादातर सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों के लिए इसका लाभ सीमित रहेगा। मैंने नीचे संक्षेप में नियमित रूप से ऐरोबिक क्रियायें करने के विषय में कुछ आम सुझाव बतायें हैं।

मुझे कितनी देर के लिए व्यायाम करना चाहिए?

फिज़ीयोथेरेपिस्ट इसे व्यायाम की अवधि कहते हैं। व्यायाम की अवधि के बारे में दी गई सलाह आम लोगों से अलग नहीं है। ऐरोबिक व्यायाम एक समय पर कम से कम २० से ३० मिनट तक करना चाहिए।

मुझे कितनी बार व्यायाम करना चाहिए?

फिज ीयोथेरेपिस्ट इसे व्यायाम की आवृति कहते हैं। इस के बारे में दी गई सलाह भी आम लोगों से अलग नहीं है। ये देह्वा गया है कि प्रति सप्ताह तीन बार करने से सर्वोतम लाभ मिलते हैं।

मुझे कितनी ज ोर से व्यायाम करना चाहिए?

फिज ीयोथेरेपिस्ट इसे व्यायाम की तीव्रता कहते हैं। आपने देह्वा होगा कि लोग अपनी नाड ी की परीक्षा करते हैं ये देह्वने के लिए कि व्यायाम के दौरान उनका हृदय कितनी तेज ी से चल रहा है। आपको ये देह्वना चाहिए कि आपकी हृदय की गति एक लक्ष्य के भीतर रहे। आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपको बता सकेगा कि आपके लिए यह लक्ष्य क्या होनी चाहिए। अगर आप उसे स्वयं निकालना चाहते हैं, तो यह बहुत सरल हिसाब है;

लक्ष्य की सीमा को निकालना;

• यह लक्ष्य आमतौर से इस पर निर्भर होता है कि आपका हृदय कितनी तेज ी से चल सकता है यानि यह आपकी अधिकतम हृदय गति के ६० से ८० प्रतिशत के बीच में होता है,
• आप अपनी अधिकतम हृदय गति की एक करीबी संखया २२० में से अपनी आयु को घटाकर निकाल सकते हैं (उदाहरण के लिए, एक २० वर्ष के आयु वाले की अधिकतम हृदय गति २०० होगी)
• २०० का ६० प्रतिशत १२० होता है
• २०० का ८० प्रतिशत १६० होता है
• इसलिए एक २० वर्ष के आयु वाले की नाड ी की लक्ष्य की सीमा १२०-१६० धड कन प्रति मिनट है।
• अपनी नाड ी की परीक्षा करना बहुत आसान है। अपने फिज ीयोथेरेपिस्ट से दिह्वाने के लिए कहें।

* यह फॉरमूला सारे रोगियों पर लागू नहीं होता है, क्योंकि कुछ रोगी अपनी हृदय गति को इस स्तर तक नहीं बढ ा पाते हैं। सीएफ के रोगियों को अपने व्यक्तिगत लक्ष्य के बारे में अपने सीएफ के फिज ीयोथेरेपिस्ट के साथ चर्चा करनी चाहिए।

अधिक तीव्र रोग के लिए व्यायाम को अनुकूल बनाना

अगर आपके फेफड़ों का रोग अधिक तीव्र है या अधिक बढ ा हुआ है और अगर आपको ऑक्सिजन लेने की भी आवश्यकता पड ती है, तो भी आप एक मिनट के लिए भी ये न सोचे कि नियमित व्यायाम आपके लिए नहीं है। आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपकी ज रूरत के हिसाब से आपके व्यायाम की अवधि; आवृति और तीव्रता में बदलाव कर देगा। अगर आपके फेफड े ५५ प्रतिशत से कम काम कर रहे हैं, तो ये बेहतर होगा कि प्रारंभ करने से पहले आप अपने फिज ीयोथेरेपिस्ट से इसके विषय में चर्चा करलें, परन्तु मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूँ कि किस प्रकार से हम व्यक्तिगत ज रूरत के हिसाब से व्यायाम में बदलाव करते हैं। फिज ीयोथेरेपिस्ट इसे व्यायाम का नुसह्वा कहते हैं।

सबसे पहले अगर आपको एक ही समय पर लम्बे समय तक व्यायाम करना मुश्किल लगता है तो आप व्यायाम की अवधि को कम कर सकते हैं और आवृति को बढ ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक ही समय पर ३० मिनट के लिए व्यायाम करने के स्थान पर आप पूरे दिन में तीन बार दस-दस मिनट के लिए व्यायाम कर सकते हैं। एक बात जो मैं लोगों से कभी-कभी कहता हूँ वो ये है कि वो प्रारंभ में हर सप्ताह दो बार व्यायाम करें और और जब वह आपकी नित्यक्रम में शामिल हो जाये, तब उसे आप बढ ाकर तीन बार कर दें।

आप अपने व्यायाम की तीव्रता को दह्वने के तरीके में भी बदलाव कर सकते हैं। अपनी नाड ी की लक्ष्य की सीमा को दह्वने के स्थान पर तीव्रता के लिए यह देह्व सकते हैं कि व्यायाम करने से आपकी सांस कितनी फूलती है। आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपको सीह्वा सकता है कि यह कैसे करना है। हल्की सांस फूलने तक ही आपको व्यायाम करना चाहिए। अर्थात किसी भी व्यायाम से आपकी सांस उतनी ही फूलनी चाहिए कि आप फिर भी बोल सकें तथा पूरे समय आपकी सांस आपके नियंत्रण में रहे। अगर व्यायाम के दौरान आपकी सांस इससे अधिक फूल जाती है, तो आपको धीमे हो जाना चाहिए या रुक जाना चाहिए और फिर से प्रारंभ तब ही करना चाहिए जब आपकी सांस नियंत्रित हो जाये। ये बहुत आवश्यक है कि आप स्वयं को ठीक होने के लिए काफी समय दें, ताकि आपको जल्द ही फिर से न रुकना पड े।

आपका फिज़ीयोथेरेपिस्ट आपको सांस की कछ ऐसी तकनीक भी सीह्वा सकता है जिनसे आपको अपनी सांस को वापिस नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, परन्तु सबसे बेहतर सलाह यही है कि आप अपनी सांस को अत्यधिक फूलने न दें। इनमें से कई बातें आपको कठिन लगती होगीं, परन्तु आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपको निःसन्देह ही ऐसी सलाह देगा जो विशेष आपके लिए होगी और समझने में आसान भी होगी।

मैंने ये देह्वा है कि उन लोगों में जिनका रोग काफी बढ गया होता है व्यायाम न करने का मुखय कारण सांस फूल जाने का डर होता है - यह डर कि किसी कारणवश उनका अपनी सांस पर वापिस नियंत्रण नहीं हो पायेगा। अकसर उन्हें ये लगता है कि वे ऐसे डर के बारे में बात नहीं करना चाहते, परन्तु अगर आप इन के बारे में अपने फिज ीयोथेरेपिस्ट से बात कर सकें और एक नियमित व्यायाम योजना को शुरू कर सकें तो आप पायेंगे कि आपकी श्वासहीनता कम होने लगेगी और आप धीरे-धीरे और अधिक कर पायेंगे। आपको जितनी कम श्वासहीनता होगी, आप उतने ही कम चिन्तित होगें और फिर आप अपना आत्मविश्वास बढ ा पायेंगे। आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपके लिए ऐसी व्यायाम योजना तैयार करेगा जो आपकी क्षमता और आवश्यकता पर आधारित होगा। अगर आप अस्पताल में हैं, तो आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपसे व्यायाम शायद अपनी देह्वरेह्व में करवायेगा, जिससे आपको शुरू करने में मदद मिलेगी और आपको अपने घर पर जारी रह्वने का आत्मविश्वास भी मिलेगा।

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मैंने ये भी देह्वा है कि कुछ लोग जिनकी व्यायाम करते समय सांस ज् यादा फूल जाती है वह इस के कारण शर्म महसूस करने लगते हैं। यह एक कारण हो सकता है कि ये लोग ह्वरीदारी करने या लोगों से मिलने के लिए बाहर जाने से बचते हैं - न कि सांस फूलने के डर के कारण। इसके बारे में भी आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपको सलाह दे सकता है कि आप किस प्रकार से अपनी श्वासहीनता पर काबू कर सकते हैं और ऐसी परिस्थितियों पर अपना नियंत्रण बनाये रह्व सकते हैं।

अगर मुझे वज़न बढ ाने में मुश्किल हो रही है तो क्या मुझे व्यायाम से बचना चाहिए?

इसका जवाब है नही। ये बात बिल्कुल साफ है कि वज न कम करने के लिए हद से ज् यादा व्यायाम करना ठीक नहीं, परन्तु एक उचित योजना वज न बढ ाने में आपकी मदद कर सकती है। व्यायाम आप में तंदुरुस्ती का अहसास जगाता है और आपकी भूह्व बढ ाने में मदद करता है। यहाँ पर ज रूरी बात ये है कि आप सही सलाह लें, जिसमें अपने आहार के साथ डायट सपलिमेन्ट लेने के विषय में भी चर्चा शामिल हो सकती है।

ग्रीष्म ऋतु के गरम दिनों में नमक, एलेक्ट्रोलााइट और द्रवों की भरपाई करने के लिए क्या करना चाहिए?

सीएफ से पीडि त लोग पसीने में अत्यधिक नमक एवं एलेक्ट्रोलााइट ह्वो देते है। इसलिए अगर आप तेज गर्मी की ऊष्मा में व्यायाम कर रहें हैं, तो ये आवश्यक है कि आप इन की भरपाई अतिरिक्त पानी पीकर करते रहें। आप इनकी भरपाई अलग-अलग रूप में कर सकते हैं उदाहरण के लिए नमक की गोलियाँ और कुछ स्पोट्‌र्स ड्रिंक्स। आप अपने आहार विशेषज्ञ और फिज ीयोथेरेपिस्ट से पूछें कि निर्जलीकरण (डिहाइडे्रशन) और गर्मी के कारण होने वाली थकावट से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका क्या है। कभी-कभी अत्यधिक थकान और आलस्य निर्जलीकरण तथा नमक एवं एलेक्ट्रोलााइट के कम होने के कारण हो सकता है।

संक्षेप में

हम ये जानते हैं कि बैठे रहने वाली जीवनशैली का आम लोगों के जीवन की गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य पर महत्त्वपूर्ण तथा बुरा असर होता है, परन्तु जैसे-जैसे आपकी आयु बढ़ती जाती है इसका महत्त्वपूर्ण असर आपके सीएफ के रोग पर भी पड ता है। क्योंकि आजकल अधिकतर सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोग वयस्कता में भी एक लाभकारी जीवन व्यतीत करते हैं, इसलिए ये आवश्यक है कि स्कूल के बाद आगे की शिक्षा तथा जीविका के बारे में योजना बनायें। ये आप के आत्म सम्मान के लिए भी आवश्यक है, और इस लिए भी क्योंकि ये एक सक्रिय जीवन जीने की राह पर पहला कदम होता है।

आप देह्वेगें कि व्यायाम और क्रिया पर प्रतिदिन ज़ोर बढ ता ही जा रहा है। आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट ह्वुशी से इस विषय पर अस्पताल और समुदाय दोनों ही जगह आपको आवश्यक सलाह देगा और आपकी प्रगति पर भी नज र रह्वेगा। इसमें कोई शक नहीं कि इस अभिलाषा को पूरा करने के लिए साधन जुटाने में कुछ समय लगेगा। मै उम्मिद करता हूँ कि जो जानकारी मैंने यहाँ पर दी हुई है उससे आपको थोड ा-बहुत ये पता चल गया होगा कि सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीडि त लोगों को व्यायाम के बारे में सलाह देते समय फिज ीयोथेरेपिस्ट क्या सोचते हैं और वह लोग जो आसानी से फिज ीयोथेरेपिस्ट तक नहीं पहुँच सकते हैं आप उन लोगों के मार्ग-दर्शन के लिए स्वयं क्या कर सकते हैं। आपको इस बात का भी ध्यान रह्वना होगा कि सीएफ के अलावा भी कुछ कारण हो सकते हैं जो आपके नियमित व्यायाम करने की क्षमता पर असर डालते होगें और जिनके बारे में आपको विशेष सलाह की आवश्यकता हो सकती है, उदाहरण के लिए अगर आपको अस्थमा है तो आपको व्यायाम के दौरान इसे नियंत्रित करने के लिए सलाह की आवश्यकता होगी। व्यायाम के बारे में अगर आप सोचें तो जब भी मुमकिन हो अपने डाक्टर, नर्स या फिज ीयोथेरेपिस्ट से सलाह ज रूर लें।

ये कोई भी नहीं कह रहा है कि नियमित व्यायाम करना आसान है, ह्वासतौर पर अगर आप सीएफ जैसे स्थायी रोग से पीडि त हैं, परन्तु इससे होने वाले लाभ की संभावना के कारण ये ज रूरी है कि आप इस पर ध्यान दें। हम फिज ीयोथेरेपिस्ट यहाँ आपकी मदद करने के लिए एवं सलाह देने के लिए हैं (और ज ाहिर है कि ज रूरत पड ने पर थेरेपी करने के लिए भी)। एक व्यक्ति होने के नाते ये आपका फैसला है कि आप उस सलाह का क्या करते हैं, परन्तु आपका फिज ीयोथेरेपिस्ट आपको एक सामान्य और सक्रिय जीवन बीताने के लिए हर संभव तरीके से सहारा देगा। नियमित व्यायाम इसे पाने के लिए महत्त्वपूर्ण है।


पीटर एन्डरसन ने ग्लैस्गो, स्कोटलैन्ड में स्थित क्वीनस्‌ कॉलेज से अपना गै्रजुएशन पूरा किया और जल्द ही श्वास-सम्बन्धी देह्वभाल (रेस्पिरेटरी केयर) के क्षेत्र में विशेष अध्ययन किया। उन्होंने ग्लैस्गो में पल्मनरी रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम बनाएं और सीएफ से पीड़ित वयस्कों के साथ काम करना शुरू किया। कई वर्षों तक वह वेस्ट ऑफ स्कोटलैन्ड के वयस्क सीएफ यूनिट में सीनियर फिज ीयोथेरेपिस्ट थे। कई वर्षों तक सीएफ के क्षेत्र से हटकर काम करने के बाद अब वे योर्कहिल, ग्लैस्गो के पैडिएट्रिक्स सीएफ यूनिट में क्लीनिकल स्पेशलिस्ट फिज ीयोथेरेपिस्ट हैं।

 
 

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